2016-04-03
2016-02-12
बसंत
बसंत
जीवन का बसंत
खुशियाँ दे अनंत
...
ठंडी धूप हरा मैदान
पीली सरसों हुई जवान
रंग है बिखरे हुए
लो देखो वयस्क हुआ उद्यान
,पक्षी है गीत गा रहे
मन मेरा रिझा रहे
पीला वस्त्र पहन कर सखी
पिया को मैं बुला रही
आयो करें ऋतुराज का अभीनन्दन
बसंत पंचमी में सरस्वती माँ का वन्दन
मोनिका
जीवन का बसंत
खुशियाँ दे अनंत
...
ठंडी धूप हरा मैदान
पीली सरसों हुई जवान
रंग है बिखरे हुए
लो देखो वयस्क हुआ उद्यान
,पक्षी है गीत गा रहे
मन मेरा रिझा रहे
पीला वस्त्र पहन कर सखी
पिया को मैं बुला रही
आयो करें ऋतुराज का अभीनन्दन
बसंत पंचमी में सरस्वती माँ का वन्दन
मोनिका
2013-08-18
माँ का आँचल
वो माँ का आँचल ही है जो बच्चे को सुख देता है
कभी बच्चे के माथे का पसीना तो कभी बदन की धूल को झाड़ देता है
कभी आंचल में सबसे छुपा के कुछ खाने को देती है माँ
कभी पिता की डाँट से बचने को छुपा लेती है माँ
...
कभी बच्चे के माथे का पसीना तो कभी बदन की धूल को झाड़ देता है
कभी आंचल में सबसे छुपा के कुछ खाने को देती है माँ
कभी पिता की डाँट से बचने को छुपा लेती है माँ
...
माँ के आंचल में सोने का सुख नई पीढी नही ले पाएगी
जीन्स पेहनने वाली माँ आंचल कहाँ से लायेगी
जीन्स पेहनने वाली माँ आंचल कहाँ से लायेगी
2013-03-03
सरल स्वभाव
अकड़ में कोई मात्रा नही
पर थोडी थोडी मात्रा में सब में है !!
विनम्रता में दो मात्रा हैं
पर नाममात्र भी किसी में नही!!
...
पर थोडी थोडी मात्रा में सब में है !!
विनम्रता में दो मात्रा हैं
पर नाममात्र भी किसी में नही!!
...
जीवन की धारा बहती रहती है
पर जीवन जीने की कला किसी में नही !!
हम गुना भाग में उलझे रहते है
सरल स्वभाव किसी में नही !!
मोनिका गुप्ता
पर जीवन जीने की कला किसी में नही !!
हम गुना भाग में उलझे रहते है
सरल स्वभाव किसी में नही !!
मोनिका गुप्ता
2012-05-31
mera school
mera school bada hi cool,
Jisne sikhaya humein Jine ka rule
Iske teacher bade Mahan
Humein banaya ek achcha Insaan
Koi bana Doctor, Koi Engineer,
Koi Pilot, Koi Fauji aur koi Teacher,
Koi Journalist, Koi Scientist, Koi hai Officer
Chahe ho koi Videsh mein ya ho apna Desh Mein,
KV Jyotipuram hai sabke Mann Mein
2012-03-11
रामलीला का वोह मैदान
रामलीला का वोह मैदान
जहाँ पर पूरे हुए मेरे बचपन के अरमान
मूंगफली और पोप कारण का स्वाद
नाटक मंच से रामलीला का संवाद
वही दर्गा पूजा के पंडाल की धूम
नौ रातों की वोह मस्ती वोह झूम
कहाँ गया वोह रामलीला का मैदान
, मेरा क्रिकेट मेरा खेल कूद का मैदान
2011-12-31
HA{|PPY NEW YEAR
हम अब २०११ को छोड़ कर २०१२ को अपनाने जा रहे है। बस कुछ ही पलों में हम २०१२ को अपने जीवन का हिस्सा बना लेंगे। उम्मीद है यह साल और नयी उमंग और तरंग ले कर आये..कुछ जाना पहचाना बन कर हमारे हर सपने पर पंख लगाये और हमे जीवन कि हर ख़ुशी से अवगत कराये,,, नव वर्ष कि हार्दिक शुब्कम्नाये;;;
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मीठे बोल
दो मीठे बोल किसी को बोलिए उसका खून बढ जाएगा आपका रक्तदान हो जायेगा
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The festival Dhoom Starts in September 2009 and ends in December 2009 Durga Puja Now festival season starts with the beginning of Navratras ...
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Ingredients 160g SR flour 3 eggs 100ml olive oil 120 ml milk 100 g grated cheese (cottage cheese) Salt & pepper to taste 30...
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My Unspoken words My many words go unspoken, While I sit with you. My many moments go fade, while changing all red in blue. Even I ...
