2009-10-06

मेरी छत पर



मेरी छत पर

खुशियाँ लेकर आया यह करवाचौथ का चाँद,
जनम जनम के इस गठबंधन को बाँध।
तुम से ही मेरा है जीवन बंधा हुआ,
हर साँस को तुमने है संजोया हुआ।
अपने प्रेम की माला में सनम,
हमको है तुमने डुबोया हुआ।
यह चाँद हर साल छत पर आता रहे,
छलनी से आपना चेहरा दिखाता रहे।
धरती पर मेरी इन साँसों को ,
तुम्हारी खुशबु से महकाता रहे।









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मीठे बोल

दो मीठे बोल किसी को बोलिए उसका खून बढ जाएगा आपका रक्तदान हो जायेगा